इन देशों में नए साल का जश्न मनाना है ‘अपराध’, पकड़े जाने पर हो सकती है जेल
Countries Not Celebrating January 1st: जैसे ही साल का आखिरी महीना दिसंबर आता है, लोग नए साल के जश्न की तैयारियों में जुट जाते हैं. आज से नया साल 2026 शुरू हो चुका है और दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में लोग इसे एक त्योहार की तरह मना रहे हैं. यह वह पल होता है, जब लोग अपनों के साथ मनोरंजन कर समय बिताते हैं. वहीं कुछ देश ऐसे भी हैं, जहां 1 जनवरी को नया साल मनाना न सिर्फ गलत माना जाता है, बल्कि ऐसा करने पर सजा भी मिलती है.
उत्तर कोरिया में नया साल ग्रेगोरियन कैलेंडर से नहीं बल्कि देश की अपनी विचारधारा से जुड़ा हुआ है और यह देश जूचे कैलेंडर को मानता है.
यहां अगर कोई भी व्यक्ति 1 जनवरी को जश्न मनाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे सजा के तौर पर मजदूरी और जेल कैंप से भी ज्यादा कड़ी सजा दी जाती है.
सऊदी अरब जो कि इस्लामिक देश है और यह भी अपना धर्म कैलेंडर इस्लामिक को मानता है.
इस देश में अगर कोई व्यक्ति बिना अनुमति के नए साल पर जश्न मनाता है, तो उसे हिरासत या देश निकाला जैसी सजा मिलती है.
ब्रुनेई भी एक ऐसा देश है, जहां 1 जनवरी को जश्न मनाना कानूनी अपराध माना जाता है.
शरिया कानून के तहत यहां अगर कोई व्यक्ति जश्न मनाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे 5 साल तक की जेल, भारी जुर्माना या दोनों हो सकते हैं.
सोमालिया की सरकार ने नए साल और क्रिसमस के जश्न पर आधिकारिक तौर पर बैन लगाया है.
यहां जश्न मनाने या नियमों का उल्लंघन करने वालों को गिरफ्तारी भी हो जाती है.
ताजिकिस्तान में नए साल का जश्न मनाया जाता है, लेकिन उस पर सरकार का कड़ा नियंत्रण भी रहता है.
यहां कोई भी व्यक्ति स्कूल और सार्वजनिक जगहों पर जश्न नहीं मना सकता है. नियमों का उल्लंघन करने पर सजावट का सामान जब्त करना और प्रशासनिक दंड का सामना करना पड़ता है.