दादी की प्यारी ‘चीनी’ की कहानी, इंजीनियरिंग छोड़ी बनीं पायलट, शांभवी पाठक की यादें अब तस्वीरों में रह गईं

Shambhavi Pathak: शांभवी का बचपन ग्वालियर में बीता. उन्होंने इंजीनियरिंग की राह छोड़कर पायलट का करियर चुना. उन्होंने न्यूजीलैंड से पायलट ट्रेनिंग पूरी की. इसके बाद वे मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब से जुड़ी रहीं.

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