कैसे पड़ा शताब्दी एक्सप्रेस का नाम, कब चली थी पहली ट्रेन? जानिए इतिहास
शिवेंद्र कुशवाहा
शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन
शताब्दी एक्सप्रेस भारतीय रेलवे की सुपरफास्ट और पूरी तरह एयर कंडीशंड ट्रेनों में शामिल है. ये ट्रेनें देश के बड़े और व्यावसायिक रूप से बड़े शहरों को आपस में जोड़ती हैं. 10 जुलाई 1988 को तत्कालीन रेल मंत्री माधवराव सिंधिया ने पहली शताब्दी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई थी. इसका नाम जवाहरलाल नेहरू की जन्म शताब्दी के मौके पर रखा गया था.पहली शताब्दी एक्सप्रेस नई दिल्ली से ग्वालियर के बीच चलाई गई थी. बाद में इस ट्रेन के रूट को बढ़ाकर भोपाल के हबीबगंज स्टेशन तक कर दिया गया. आज देश के अलग-अलग रूट पर करीब दो दर्जन शताब्दी एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं. शताब्दी के प्रीमियम वर्जन को स्वर्ण शताब्दी और कम किराए वाले वर्जन को जन शताब्दी कहा जाता है.