Vistaar News|फोटो गैलरी|सर्दियों में सेहत का ‘वरदान’ है छत्तीसगढ़ की ये हरी भाजी, साल भर रहता है इंतजार
सर्दियों में सेहत का ‘वरदान’ है छत्तीसगढ़ की ये हरी भाजी, साल भर रहता है इंतजार
Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ राज्य में सर्दियों के मौसम में मिलने वाली हरी सब्जी तिवरा भाजी सेहत के लिए वरदान से कम नहीं है. फाइबर और आयरन से भरपूर तिवरा भाजी को दाल और अलग-अलग सब्जियों के साथ बनाया जाता है. यह स्वादिष्ट होने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है.
Written By रुचि तिवारी
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Last Updated: Jan 08, 2026 05:29 PM IST
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छत्तीसगढ़ की लोकप्रिय तिवरा भाजी का साल भर लोगों को इंतजार रहता है.
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यह भाजी सिर्फ सर्दियों में मिलती है और सेहत के लिए कई मायनों में फायदेमंद है.
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तिवरा भाजी को 'छोटा चना भाजी' के नाम से भी जाना जाता है.
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तिवरा भाजी फाइबर, आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन से भरपूर होती है.
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तिवरा भाजी को सिर्फ भाजी के रूप में नहीं बल्कि अलग-अलग दाल और बैंगन जैसी सब्जियों के साथ मिलाकर बनाया जाता है.
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तिवरा भाजी पाचन सुधारती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है.
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इसके अलावा तिवरा भाजी शरीर में खून की कमी दूर करती है और शरीर को ऊर्जा देती है.
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बता दें कि तिवरा भाजी के पौधों को काटकर, सुखाकर 'शुष्का भाजी' बनाया जाता है. लोग साल भर इसे दालों में मिलाकर खाते हैं.