Dhantrayodashi Name Origin: हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल धनतेरस का पावन पर्व 6 नवंबर को मनाया जाएगा. यह दिन खरीदारी के लिए बहुत शुभ माना जाता है. मान्यता है कि धनतेरस के दिन सोना-चांदी खरीदने से घर में सुख-शांति आती है और कभी पैसों की कमी नहीं होता. इसी दिन हिंदू परिवारों में माता लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि की बड़ी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना होती है. धनतेरस के त्योहार को त्रयोदशी का त्योहार भी कहा जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि धनतेरस का दिन इतना शुभ क्यों होता है और इसे धनत्रयोदशी क्यों कहा जाता है. आइए जानते हैं.
धनतेरस नाम का अर्थ क्या है?
धनतेरस का पूरा नाम धनत्रयोदशी है. यह दो शब्दों से मिलकर बना है, धन और त्रयोदशी. हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस मनाया जाता है. त्रयोदशी का मतलब होता है चंद्र पक्ष का तेरहवां दिन, इसलिए इसे त्रयोदशी कहा जाता है. इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की पूजा की जाती है. इसी वजह से इसके नाम के साथ धन शब्द जुड़ा है और इसे धनत्रयोदशी कहा जाता है.
धनतेरस पर भगवान धन्वंतरि की पूजा क्यों की जाती है?
- देशभर में धनतेरस का त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है.
- पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे.
- उन्हें स्वास्थ्य और आयुर्वेद का देवता माना जाता है, इसलिए धनतेरस पर उनकी पूजा होता है.
- मान्यता है कि इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा करने से परिवार को अच्छी सेहत और लंबी उम्र का आशीर्वाद मिलता है.
- यही कारण है कि धनतेरस को धन के साथ सेहत का पर्व भी माना जाता है.
धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना क्यों शुभ है?
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस के दिन सोना-चांदी और बर्तन खरीदना बहुत शुभ माना जाता है.
- यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है. लोग अपने-अपने बजट के अनुसार बाजार से नई चीजें खरीदते हैं.
- सामान घर लाने के बाद उसकी पूजा-अर्चना भी की जाती है.
- कहा जाता है कि धनतेरस के दिन खरीदारी करने से घर में सुख-शांति आती है और पैसों की तंगी नहीं होती.
