Two Festivals On Separate Days: हिंदू कैलेंडर के मुताबिक कार्तिक महीने की अमावस्या को हर वर्ष दीपावली का त्योहार मनाया जाता है. लोग हर्ष और उल्लास के साथ दीपों का पर्व सेलिब्रेट किया जाता है. धन-समृद्धि और वैभव की देवी लक्ष्मी और शुभ करने वाले भगवान गणेश की पूजा की जाती है. इस बार दिवाली की तारीख को लेकर मतभेद है. माता लक्ष्मी की पूजा कब की जानी है और अमावस्या पर स्नान-दान किस दिन किया जाना इस पर संशय है.
8 नवंबर को दिवाली मनाई जाएगी
पंचांग और ज्योतिषीय काल गणना के अनुसार इस साल दिवाली का त्योहार 8 नवंबर (रविवार) को मनाया जाएगा. भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की पूजा की जाएगी. स्नान-दान अमावस्या 9 नवंबर (सोमवार) को है.
दोनों पर्वों की तिथियां अलग-अलग क्यों?
- दीपावली के अवसर पर होने वाली लक्ष्मी पूजा के लिए प्रदोष काल और महानिशीथ काल में अमावस्या होना जरूरी है.
- धर्मसिंधु और निर्णय सिंधु जैसे प्रमाणिक ग्रंथों के अनुसार कार्तिक मास में आने वाली अमावस्या की रात को दिवाली का त्योहार मनाया जाता है.
- अमावस्या तिथि 8 नवंबर 2026 को सुबह 11.27 बजे से शुरू होगी और दूसरे दिन यानी 9 नवंबर 2026 को दोपहर 12.31 बजे खत्म हो जाएगी.
- अब स्नान-दान अमावस्या की बात करें तो 9 नवंबर को सूर्योदय के साथ ही अमावस्या तिथि रहेगी.
- सुबह से ही पवित्र नदियों (गंगा-यमुना) में पवित्र डुबकी लगा सकते हैं. स्नान के साथ-साथ दान तर्पण करना शुभ माना जाएगा.
लक्ष्मी पूजा के लिए शुभ मुहूर्त क्या है?
हिंदू धर्मशास्त्रों के अनुसार गृहस्थों और व्यापारियों को दिवाली के दिन स्थिर लग्न में लक्ष्मी पूजा करना समृद्धिदायक रहेगा. प्रदोष काल शाम 5.30 बजे से रात 8.09 बजे तक रहेगा. वहीं, स्थिर लग्न शाम 5.45 बजे से रात 7.50 बजे तक रहेगा. लाभ देने वाली मां लक्ष्मी और शुभ करने वाले भगवान गणेश की पूजा की जाएगी.
