कॉमनवेल्थ में बॉक्सर्स का ऐतिहासिक पंच, 96 साल के इतिहास में पहली बार 7 गोल्ड और 3 सिल्वर मेडल आए घर
सचिन सिवाच और साक्षी चौधरी
ग्लासगो में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय बॉक्सर्स ने मेडलों की बारिश कर दी है. 96 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार है कि 7 गोल्ड और 3 सिल्वर मेडल बॉक्सिंग में जीते गए हैं. ग्लासगो जाने से पहले एक्सपर्ट्स का कहना था कि इस बार भारत के मेडल वाले खेलों में कटौती कर दी गई है, इसलिए भारत को पहले जितने मेडल इस बार नहीं मिलेंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ बल्कि भारत के खिलाड़ियो ने इस बार करिश्मा कर दिखाया.
एक्सपर्ट्स को थी आशंका
एक्सपर्ट्स को आशंका थी कि शूटिंग, बैडमिंटन और कुश्ती जैसे खेलों के ना होने की वजह से भारत मेडल टेबल में नीचे दिखेगा. लेकिन भारतीय बॉक्सिंग, जूडो, पैरा एथलीट, एथलेटिक्स और वेटलिफ़्टिंग के शानदार खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन ने मेडल टेबल में भारत की झोली में गोल्ड की बारिश कर दी. इस बार भारतीय टीम के 122 खिलाड़ियों ने 10 गेम्स में हिस्सा लिया.
बॉक्सर्स ने उम्मीद से ज्यादा कर दिखाया
इनमें 14 बॉक्सर्स की टीम में (7 पुरुष और 7 महिला की टीम) ग्लासगो के लिए रवाना हुई. सबसे हैरानी की बात तो ये है कि खुद भारतीय बॉक्सिंग संघ भी इस बार केवल 3 गोल्ड मेडल की उम्मीद थी. लेकिन जब भारत के 14 में से 10 बॉक्सर्स ने सेमीफाइनल में कदम रखा तो बॉक्सिंग संघ के जनरल सेक्रेटरी प्रमोद चौधरी ने NDTV से एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में कहा कि भारत के सभी 10 बॉक्सर्स फाइनल खेलेंगे और ऐसा ही हुआ. भारतीय बॉक्सर्स ने इतिहास कायम कर दिया.
महिलाओं ने जीते 6 मेडल
भारतीय की ओर से महिला बॉक्सर्स 5 गोल्ड और 1 सिल्वर अपने नाम किया. प्रीति पवार, जैस्मिन, साक्षी, प्रिया घंघस और अरुंधती चौधरी ने गोल्डन पंच लगा दिया और ऐतिहासिक 5 गोल्ड जीत लिए. वहीं, ओलिंपिक पदक विजेता असम की लवलीना बोर्गोहैन ने पहली बार कॉमनवेल्थ का सिल्वर मेडल जीत लिया.
पुरुषों ने जीते 4 मेडल
पुरुषों की बात करें तो भारत ने 2 गोल्ड और 2 सिल्वर मेडल जीते. पुरुषों में सचिन और अंकुश ने गोल्ड मेडल जीते तो जादुमणि और नरेन्दर सिल्वर मेडल अपने नाम करने में कामयाब रहे.
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