गॉल टेस्ट में अचानक बदला अंपायर, जानें रॉड टकर को क्यों छोड़ना पड़ा मैदान

Rod Tucker: भारत और श्रीलंका के बीच गॉल टेस्ट मैच के तीसरे दिन की शुरुआत एक बदलाव के साथ हुई. अनुभवी ऑस्ट्रेलियाई अंपायर रॉड टकर इस दिन अंपायरिंग करने मैदान पर नहीं उतर सके.
Rod Tucker

रॉड टकर

Rod Tucker: भारत और श्रीलंका के बीच गॉल टेस्ट मैच के तीसरे दिन की शुरुआत एक बदलाव के साथ हुई. अनुभवी ऑस्ट्रेलियाई अंपायर रॉड टकर इस दिन अंपायरिंग करने मैदान पर नहीं उतर सके. बता दें, मुकाबले के दूसरे दिन ही टकर की तबीयत खराब हो गई थी, जिसके चलते वह दूसरे दिन के आखिरी सेशन में अंपायरिंग के लिए मैदान पर नहीं उतरे थे. उम्मीद थी की टकर तीसरे दिन अपनी जिम्मेदारी संभाल लेंगे, लेकिन तबीयत ठीक ना होने का कारण उन्हें मैदान से बाहर रहना पड़ा.

किसने संभाली जिम्मेदारी

गॉल टेस्ट मैच के तीसरे दिन रॉड टकर की जगह पाकिस्तान के अहसान रजा ने अंपायरिंग की जिम्मेदारी संभाली. बता दें, रजा टीवी अंपायर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, लेकिन टकर की गैरमौजदगी में उन्हें मैदान पर उतरना पड़ा. 15 अगस्त से शुरू हुए इस पहले टेस्ट मैच के लिए रॉड टकर और शरफुद्दौला सैकत को ऑन-फील्ड अंपायर नियुक्त किया गया था. अहसान रजा थर्ड अंपायर और एंडी पायक्रॉफ्ट को मैच रेफरी बनाया गया.

यह भी पढ़ें: गॉल टेस्ट में शतक से चूके केएल राहुल, दोबारा बल्लेबाजी करने उतरे तो सिर्फ 5 रन बनाकर हुए आउट

कैसा है अहसान रजा का अंपायरिंग रिकॉर्ड?

क्रिकबज की एक रिपोर्ट के मुताबिक गॉल टेस्ट के तीसरे दिन खेल शुरू होने से पहले आयोजकों ने बताया कि रॉड टकर की तबीयत ठीक नहीं है और इसलिए वह आज उपलब्ध नहीं हैं. उनकी जगह अहसान रजा को मैदान पर उतारा गया. बता दें, रजा के पास अंपायरिंग में अच्छा खासा अनुभव है. उन्होंने 28 टेस्ट, 66 वनडे और 91 टी20 इंटेरनटीऑनल मैचों में ऑन-फील्ड अंपायर्स की भूमिका निभाई है.

रॉड टकर का अंपायर के रूप में सफर

रॉड टकर ने क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अंपायर के रूप में अपने करियर की नई पारी की शुरुआत की. 2008 में आईसीसी इंटरनेशनल पैनल में उनका चयन हुआ. इसके बाद 2010 में उन्होंने आईसीसी एलीट पैनल में जगह बनाई. टकर अब तक 101 टेस्ट, 110 वनडे और 66 टी20 इंटरनेशनल मैचों में ऑन-फील्ड अंपायरिंग कर चुके हैं.

ज़रूर पढ़ें