यह घटना अजमेर की है, जहां हाल ही में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में सालाना उर्स का आयोजन हुआ था. इस दौरान वहां लाखों की संख्या में लोग पहुंचे थे, और इस मौके पर विभिन्न इलाकों से भिखारी भी वहां आकर भीख मांग रहे थे.
इससे पहले मंगलवार की सुनवाई के दौरान हिंदू सेना ने एक किताब सबूत को तौर पर पेश की थी. इस किताब में ये दावा किया गया है कि दरगाह की जगह पहले मंदिर था.
1993 सीरियल बम ब्लास्ट केस: अयोध्या में बाबरी मस्जिद गिराए जाने के बाद 1993 में कोट, लखनऊ, जयपुर, कानपुर, हैदराबाद, सूरत और मुंबई में ट्रेनों के अंदर सीरियल बम ब्लास्ट हुआ था.