निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी, अत्यधिक देरी, अनुबंध शर्तों का उल्लंघन और कई मामलों में काम बीच में छोड़ देने पर 47 ठेकेदारों और निर्माण कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है.