Mangalika Dosha: वहीं ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि यदि आपकी कुंडली में मंगल चंद्रमा के साथ बैठा है, तो इसको चंद्र मंगली मान लिया जाता है. हमेशा चंद्र कुंडली चंद्रमा को लग्न में बैठाकर बनाई जाती है. इसके अलावा, यदि मंगल गृह चंद्रमा के साथ होगा तो वो भी लग्न में आ जाएगा, जिसे चंद्र मंगली या आंशिक मंगली कहा जाता है.
Rajyog Astrology 2026: फरवरी की शुरुआत में 3 फरवरी 2026 को बुध कुंभ राशि में जाकर राहु के साथ मिलेंगे. इसके बाद 6 फरवरी को शुक्र, 13 फरवरी को सूर्य और 23 फरवरी को मंगल भी कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे.
Jupiter-Earth And Sun Alignment 2026: नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने बताया कि शनिवार को दोपहर 2 बजकर 4 मिनट पर जुपिटर, पृथ्वी और सूर्य एक सीध में होंगे. इस समय जुपिटर की पृथ्वी से दूरी लगभग 63 करोड़ 30 लाख 76 हजार किमी होगी.
Ketu Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष में केतु को एक रहस्यमयी छाया ग्रह और 'साउथ नोड' माना गया है, जो अचानक और गहरे जीवन परिवर्तनों के लिए जाना जाता है. द्रिक पंचांग की गणना के अनुसार, 25 जनवरी 2026 को केतु का महत्वपूर्ण नक्षत्र संचरण होने जा रहा है.
Ravivar Ke Upay: हिंदू धार्मिक मान्यताओं की माने तो सूर्य देव की कृपा पाने के लिए रविवार के दिन कुछ चीजों का दान करना चाहिए.
Mahalakshmi Rajyog 2026: ज्योतिषीय भविष्यवाणियों के अनुसार, नए साल 2026 का महालक्ष्मी राजयोग मेष राशि वालों के लिए भाग्यशाली समय लेकर आ रहा है. इस योग के प्रभाव से मेष राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा.
Astrology Predictions 2026: ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, आने वाले नए साल 2026 में बृहस्पति, शनि और बुध जैसे प्रमुख ग्रहों की चाल का प्रभाव देखने को मिलेगा. इन ग्रहों की विशेष स्थिति कुछ राशियों के लिए अत्यंत लाभकारी और अनुकूल रहने वाली है.
Onion and Garlic in Vrat: हिंदू ज्योतिष में राहु और केतु को रहस्यमयी और प्रभावशाली ग्रह माना जाता है. इन्हें छाया ग्रह भी कहते हैं, जो मनुष्य के मन में भ्रम, मोह और इच्छाओं को बढ़ाते हैं. ज्योतिषियों का मानना है कि प्याज और लहसुन खाने से ये तामसिक गुण और बढ़ जाते हैं, जो साधना और ध्यान में बाधा डाल सकते हैं.
इस बार 21 जून को एक खास संयोग भी बन रहा है. ज्योतिषियों के अनुसार, सूर्य और चंद्रमा के बीच 'मुष्का-सुषमा योग' बन रहा है, जो कृषि और ऊर्जा के संतुलन के लिए बेहद शुभ माना जाता है. इससे किसानों को भी फायदा होने की उम्मीद है.
शनि का मीन राशि में गोचर एक खगोलीय सत्य है. इसे खारिज नहीं किया जा सकता. मीन राशि में शनि का प्रभाव कर्म और आध्यात्मिकता के संतुलन को दर्शाता है, लेकिन इसका परिणाम व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है.