अलंकार अग्निहोत्री ने पत्र में आगे लिखा, ' 'महोदया इस वर्ष 2026 के प्रयागराज में माघ मेले में मौनी अमावस्या के स्नान के दौरान जोतिष पीठ ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य श्री अविमुक्तेश्वरानन्द और उनके शिष्यों को स्थानीय प्रशासन ने मारपीट की. बटुक ब्राह्वाण को जमीन पर गिराकर उसकी सिखा को हांथ से घसीटकर पीटा गया और उसकी मर्यादा का हनन किया गया.