इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पेयजल से हुई मौतों के मामले ने विधानसभा में तीखी और भावनात्मक बहस का रूप ले लिया. स्थगन प्रस्ताव पर हुई चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष आमने-सामने आ गए.