Lalu Pariwar Politics: पूर्व मुख्यमंत्री और राजद संस्थापक लालू प्रसाद यादव का विवाह 25 साल की उम्र में राबड़ी देवी के साथ 1973 में हुआ था. लालू और राबड़ी के कुल 9 बच्चे हैं, जिसमें 2 बेटे और 7 बेटियां.
Bihar Politics: रोहिणी आचार्य ने भावुक होकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर परिवार को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. परिवार से अलग होने के बाद Rohini Acharya का दर्द छलका है.
RJD Congress Alliance: यह समस्या नई नहीं है. पिछले विधानसभा चुनाव (2020) में भी कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था. तब पार्टी ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था और केवल 19 सीटें जीती थीं, जिसका स्ट्राइक रेट 27% था. इस बार, यह आंकड़ा और भी नीचे गिर गया है, जिससे यह साफ होता है कि बिहार की राजनीति में कांग्रेस की जमीन तेजी से सिकुड़ती जा रही है.
Bihar Poster War: बिहार में मतगणना से 1 दिन पहले पोस्टर वॉर शुरू हो गया है. पटना में 'टाइगर अभी जिंदा है' बनाम 'अलविदा चाचा' के पोस्टर लगे हैं.
LK Advani birthday Special: उन दिनों बिहार में एक नए-नवेले मुख्यमंत्री का राज था, जिनका नाम था लालू प्रसाद यादव. लालू यादव ने आडवाणी को खुली चुनौती दे दी थी कि वे रथ को बिहार में घुसने नहीं देंगे. कहा जाता है कि दोनों नेताओं के बीच इस मुद्दे पर सीधी चुनौती दी गई थी. आडवाणी अपनी धुन के पक्के थे और रथयात्रा जारी रही.
Father-Son Political Rivalry: बिहार की राजनीति में परिवारवाद कोई नई बात नहीं, लेकिन पिता-पुत्र का अलग-अलग दलों से मैदान में उतरना जरूर चर्चा का विषय है. गिरधारी यादव सत्ताधारी जेडीयू के साथ नीतीश कुमार के खेमे में हैं, जबकि चाणक्य ने विपक्षी RJD का दामन थामा है.
Bihar Assembly Election: एनडीए और महागठबंधन, दोनों खेमों में सीट बंटवारे को लेकर माथापच्ची जारी है. हर दल अपनी ताकत दिखाने और ज्यादा सीटें हथियाने की कोशिश में है. सूत्रों की मानें, तो अगले 1-2 दिन में सीटों का ऐलान हो सकता है.
PK on Tejashwi vs Rahul: प्रशांत किशोर ने कहा है कि राघोपुर में राजद के आधिपत्य के खिलाफ जनसुराज ने मोर्चा खोल दिया है. जनसुराज के कार्यकर्ताओं ने राघोपुर में राजद के आधिपत्य के खिलाफ हमारे कार्यकर्ता जुटे हुए हैं. घर-घर जाकर जनसुराज की बात को रखेंगे.
चेतन आनंद की मां लवली आनंद पहले से हीशिवहर लोकसभा सीट से जेडीयू की सांसद हैं. इसलिए इस इलाके में उनकी पहले से पकड़ अच्छी है.
Bihar Politics: तेजस्वी यादव का वादा युवाओं में उत्साह भर सकता है, जहां बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से ऊपर है. लेकिन फैक्ट्स साफ कहते हैं कि बिहार का बजट टाइट, आय केंद्र-निर्भर, कर्ज ऊंचा और मौजूदा सैलरी ही समय पर न दे पा रहे. अगर यह वादा लागू हुआ, तो टैक्स बढ़ाना, नई योजनाएं काटनी पड़ेंगी या केंद्र से स्पेशल पैकेज मांगना होगा.