अब 2025 में तस्वीर क्या है? लेटेस्ट सर्वे कहते हैं कि NDA को हल्की बढ़त, लेकिन टक्कर कांटे की होगी. JVC का पोल बताता है कि NDA को 41-45% वोट और 131-150 सीटें मिल सकती हैं. वहीं, महागठबंधन को 37-40% वोट शेयर और 81-103 सीटें मिल सकती हैं.
Bihar Politics: आरजेडी का कोर यादव (14%) और मुस्लिम (17%) यानी 20 साल से 'MY फैक्टर' पर टिका है, जो 2020 में 75 सीटें दिला गया. तेजस्वी, लालू के लाल, अब 'युवा आइकन' हैं. 2019-2024 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने 'BAAP' फॉर्मूला (बहुजन-अगड़ा-आधी आबादी-गरीब) आजमाया, AI वीडियो और मीम्स से डिजिटल कैंपेन चलाया.
CM Mahila Rojgar Yojana 1st kist : सपना सिर्फ बिजनेस शुरू करने का नहीं, उसे बुलंदियों तक ले जाने का भी है. इसीलिए सरकार इस योजना के तहत बिहार के ग्रामीण हाट-बाजारों को और विकसित करेगी. इससे आपके बनाए प्रोडक्ट्स को सही बाजार और सही दाम मिलेंगे.
Bihar Congress: बिहार में कांग्रेस महागठबंधन का हिस्सा है, जिसमें राजद और वाम दल जैसे सहयोगी हैं. लेकिन अगर पार्टी के अंदर ही एकजुटता नहीं होगी, तो गठबंधन की ताकत भी कमजोर पड़ सकती है. 2020 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा, लेकिन सिर्फ 19 सीटें जीत पाई.
मांझी की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा कोई नई पार्टी नहीं है. 2015 में नीतीश कुमार के साथ टकराव के बाद बनी यह पार्टी अब 10 साल की हो चुकी है, लेकिन अभी तक 'गैर-मान्यता प्राप्त' का तमगा लगाए घूम रही है.
बिहार कांग्रेस द्वारा जारी AI वीडियो को लेकर BJP ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है. भाजपा नेताओं ने इसे "निंदनीय और ओछा कृत्य" बताते हुए कांग्रेस पर देश की मां-बहनों का अपमान करने का आरोप लगाया है.
महागठबंधन में RJD और कांग्रेस के अलावा लेफ्ट पार्टियां, मुकेश सहनी की VIP, पशुपति पारस की LJP और हेमंत सोरेन की JMM भी शामिल हैं. नए दोस्तों के आने से सीटों का बंटवारा और पेचीदा हो गया है. RJD और कांग्रेस को अपनी कुछ सीटें इन नए सहयोगियों को देनी पड़ेंगी, जिससे सियासी समीकरण और मजेदार हो गए हैं.
Patna Crime: 10 सितंबर को पटना के चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में राजद नेता की अपराधियों ने हत्या कर दी. बाइक सवार अज्ञात अपराधियों ने राजकुमार राय पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई.
Bihar SIR case: सुप्रीम कोर्ट ने बिहार SIR मामले में बड़ा फैसला देते हुए आधार को पहचान पत्र के तौर पर मान्यता दी है. अब इसे मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए 12वें दस्तावेज़ के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा.
कई बड़ी बीड़ी कंपनियां सैकड़ों करोड़ रुपये का कारोबार करती हैं. श्याम बीड़ी का टर्नओवर 200-205 करोड़ रुपये है और यह करीब 10,000 लोगों को नौकरी देती है. वहीं, 502 पटाखा बीड़ी ने 2023 में 1,400 करोड़ रुपये का कारोबार किया. देसाई बीड़ी ने वित्तीय वर्ष 2024 में 1,667.3 करोड़ रुपये की कमाई की.