काशी के मणिकर्णिका घाट पर सुतआ बाबा का आश्रम है. इस आश्रम की स्थापना साल 1803 में हुई थी. इसे गुजरात के रहने वाले संत जेठा पटेल ने बनवाया था. जेठा पटेल ने गृहस्थ जीवन छोड़ दिया था और काशी में ही आकर बस गए थे. जेठा पटेल के बाद इस आश्रम के कई मुखिया बने. इस आश्रम के मुखिया को ही सतुआ कहते हैं.