CM साय ने कहा, ये आयोजन छत्तीसगढ़ की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा को दिखाता है. इसमें श्रद्धालु सुदूर से इलाकों से पैदल चलकर भोलेनाथ को जल अर्पित करते हैं. ये मेरा सौभाग्य है कि मैं इस कांवड़ यात्रा में शामिल हुआ हूं.'
इस निर्णय को राज्य सरकार की श्रमिक-हितैषी सोच और मुख्यमंत्र विष्णुदेव साय के सुशासन की भावना का सीधा परिणाम माना जा रहा है.
छत्तीसगढ़ में इन दोनों बीजेपी नेताओं और कार्यकर्ताओं में साय कैबिनेट विस्तार और किरण देव की नई कार्यकारिणी का इंतजार है.
कवासी लखमा मामले पर भी मुख्यमंत्री ने टिप्पणी की. उन्होंने कहा कवासी लखमा को कोई नहीं फंसा रहा. CM साय ने जांच एजेंसियों पर विश्वास रखने की बात कही और बताया कि इन लोगों की लगातार जमानत खारिज हो रही है.
कल यानी 24 जून को वाराणसी में सेंट्रल जोनल काउंसिल की 25वीं बैठक होगी. इसमें 4 राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शामिल होंगे. इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह करेंगे.
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की नई रणनीति और केंद्र के सहयोग से नक्सल उन्मूलन अभियान को निर्णायक मोड़ पर पहुंचाया गया है. पिछले डेढ़ सालों में चलाए गए सघन अभियानों के सकारात्मक परिणाम मिले हैं
विस्तार न्यूज़ के एग्जीक्यूटिव एडिटर ज्ञानेंद्र तिवारी ने मुख्यमंत्री से बातचीत की. इस दौरान सीएम साय ने बताया कि रायगढ़ में मैं बतौर मुख्यमंत्री नहीं आता हूं, यहां आने पर लगता है कि परिवार में आ गया हूं.