CNAP: अक्टूबर में मंजूरी मिलने के बाद CNAP के लिए नवंबर महीने से लाइव टेस्टिंग भी शुरू हो गई है. अब इसे अलग-अलग नेटवर्क पर रोलआउट किया जा रहा है.
Caller Name Presentation (CNAP): रिपोर्ट्स के मुताबिक, नियामक संस्था ट्राई यानी टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया के दबाव के बाद भारतीय टेलीकॉम कंपनियों ने यह कदम उठाया है.