CG News: छत्तीसगढ़ भवन के गार्डन शराब पीते कांग्रेस और भाजपा समेत रसूखदारों को पुलिस ने पकड़ा है. रोज शाम उनकी महफिल छत्तीसगढ़ भवन के गार्डन में जमती थी. इसकी शिकायत होने पर कार्रवाई की गई.
अय्यर ने 1990 के दशक में हुए हरशद मेहता घोटाले पर भी बातचीत की. अय्यर ने कहा कि उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव से मुलाकात की. इसके बाद जब वो डॉ. मनमोहन सिंह के घर पहुंचे तो उन्होंने इस विषय पर बातचीत करने से रोक दिया.
Chhattisgarh: भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा कि माता कौशल्या की जन्म स्थल आया हूं. इस पवित्र भूमि को नमन करता है. इस मौके पर उन्होंने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला, उन्होंने कहा कि जेपी नड्डा ने हम सत्ता का उपयोग करते है. कांग्रेस सत्ता का उपभोग करती है. दोनों पार्टियों में यही अंतर है.
CG News: लोकसभा में आपदा प्रबंधन संशोधन बिल पर चर्चा हुई थी. इस चर्चा में BJP सांसद संतोष पांडे शामिल हुए. सांसद संतोष पांडे ने PM मोदी को स्पाइडरमैन बताया. वहीं कांग्रेस ने इस पर निशाना साधा है, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने इसे स्वामी भक्ति वाला बयान बताया है.
CG News: साय सरकार के एक साल पूरे होने पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने इसे सुशासन के सूर्योदय का एक साल बताया है, उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी मतलब गारंटी होने की गारंटी, शत प्रतिशत सही हुई है. एक साल में छत्तीसगढ़ की दशा और दिशा बदली है.
यहां पर यह भी ध्यान देना जरूरी है कि AAP ने दिल्ली में कांग्रेस के वोट को तोड़ा था और यही उसकी राजनीतिक सफलता का कारण बना था. इसलिए, AAP किसी भी तरह से कांग्रेस के साथ गठबंधन करके अपने वोट को बंटने का खतरा नहीं लेना चाहती.
BJP: दिल्ली विधानसभा चुनाव में अब लगभग दो महीने का समय बचा हुआ है. सभी पार्टियां अब जोर-शोर से चुनाव की तैयारियों में लग गई हैं.
Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की कलह कथा खत्म होने का नाम नहीं ले रही है कांग्रेस में जब-जब बैठके होती हैं तब तब कार्यकर्ताओं की नाराजगी खुलकर सामने आ रही है.
टीएमसी ने जहां अपने उपचुनावों में शानदार जीत हासिल की है, वहीं कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों को एक-एक कर मुंह की खानी पड़ी. जब कांग्रेस के उम्मीदवारों ने अपनी जमानत तक खो दी, तो ममता ने यह साफ कर दिया कि उन्हें अपनी पार्टी की बढ़ती ताकत और BJP के खिलाफ एक सशक्त विपक्ष की जरूरत है.
कांग्रेस की पुरानी आदत हरियाणा और महाराष्ट्र में कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के अंदर गंभीर चर्चा हुई. लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने हार का जिम्मा राज्य इकाइयों पर डाल दिया. पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व हमेशा से चुनावी रणनीतियों और टिकटों के चयन में खुद का दखल देता है, लेकिन हारने के बाद जिम्मेदारी राज्य नेताओं पर डाल दी जाती है.