आरोप है कि एजेंसियों के जरिए ओवरटाइम भत्ते के नाम पर करोड़ों रुपये का भुगतान कराया गया, लेकिन पैसे कर्मचारियों का ना देकर कमीशन के रूप में आपस में बांट लिए. वहीं कोर्ट में पेश करने के बाद ढेबर को पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है.