Pahalgam Terror Attack: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहलगाम हमले पर एक बड़ा बयान दे दिया है. उनके इस बयान की अब हर जगह चर्चा हो रही है.
प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि वे ट्रंप सरकार के तानाशाही जैसे रवैये का विरोध कर रहे हैं. वे चाहते हैं कि अमेरिका का लोकतंत्र सुरक्षित रहे. आंदोलन की प्रवक्ता हीदर डन ने बताया कि यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और किसी तरह की हिंसा का इरादा नहीं है.
पन्नू जैसे खालिस्तानी समर्थक अमेरिका से भारत-विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देते हैं. ट्रंप की नीति से अमेरिका में ऐसे संगठनों की फंडिंग, गतिविधियों और सुरक्षित ठिकानों पर नकेल पड़ सकती है. हैप्पी पासिया की गिरफ्तारी से खालिस्तानी नेटवर्क में डर का माहौल बन सकता है, क्योंकि अमेरिका अब ऐसे तत्वों को शरण देने से हिचक सकता है.
US Tariff: 7 दिन के अंदर ही ट्रंप को अपना फैसला वापस लेना पड़ा है. जिसके बाद बुधवार, 9 अप्रैल को राष्ट्रपति ट्रंप ने 75 से ज्यादा देशों पर जैसे को तैसा यानी कि रेसिप्रोकल टैरिफ पर 90 दिनों के लिए रोक लगा दिया है.
US Reciprocal Tariff: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Reciprocal Tariff का ऐलान कर दिया है. ट्रंप ने इसका ऐलान करते हुए भारत पर 26% टैरिफ लगाने की घोषणा की है.
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार का रिश्ता बहुत मजबूत है. 2024 में अमेरिका भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक पार्टनर था, और भारत का सबसे बड़ा पार्टनर भी वही था. दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 129.2 बिलियन डॉलर था.
Trump Supports Putin: जिस डील के लिए जेलेंस्की अमेरिका गए थे उन्होंने उसकी जगह तीखी बहस कर ली. इसके बाद वह वहां से चले गए. इस घटना से सबसे ज्यादा राहत रूस को मिलग है. अमेरिका ने जहां यूक्रेन में सैन्य मदद पर रोक लगा दिया है, वहीं अब रूस को बड़ी राहत देने की तैयारी कर रहा है.
जेलेंस्की और ट्रंप के बीच हुई इस बहस के तुरंत बाद यूरोप के कई प्रमुख देशों ने जेलेंस्की का खुलकर समर्थन किया है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ‘एक्स’ पर लिखा, "एक हमलावर है रूस. एक पीड़ित है यूक्रेन." उन्होंने यह भी कहा कि तीन साल पहले यूक्रेन की मदद करना और रूस पर प्रतिबंध लगाना सही था और आगे भी यही करना सही होगा.
Trump-Zelensky Clash: वाइट हाउस के ओवल ऑफिस में ट्रंप और जेलेंस्की के बीच हुई तीखी बहस दुनियाभर में सुर्खियों में बना है. दोनों के बीच हुए इस विवाद के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने यूक्रेन को दी जा रही सहायता में संभावित धोखाधड़ी और दुरुपयोग की जांच तेज करने का निर्णय ले लिया है.
मेरिका अकेला ऐसा देश नहीं है जो इस तरह की सुविधा दे रहा है. दरअसल, दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में निवेश के जरिए नागरिकता पाने की सुविधा है. ब्रिटिश एडवाइजरी फर्म ‘Henley and Partners’ के मुताबिक, कई देश ऐसे हैं जो आपको एक मोटी रकम निवेश करने के बाद अपनी नागरिकता दे देते हैं, और इसके साथ ही आप वहां के सभी नागरिक अधिकारों का आनंद ले सकते हैं.