प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दलाल के माध्यम से युवतियों को अलग-अलग स्थानों पर भेजा जाता था. होटल संचालक और दलाल मिलकर बाहर से युवतियों को बुलाते, उन्हें किराए के मकान में ठहराते और ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए कार की व्यवस्था करते थे.