अधिकारी का आरोप है कि उनके वैधानिक वेतन और भत्तों को लेकर जानबूझकर अड़चनें पैदा की गईं. भुगतान में देरी, आपत्तियां और फाइलें रोके जाने से स्थिति और गंभीर हो गई.