जानकारी के मुताबिक करीब 14 लाख बैरल कच्चा रूसी तेल दो टैंकर जहाज में कई महीनों से समुद्र में अपने खरीदार के लिए भटक रहा था. ईरान पर हमले के बाद मध्य पूर्व एशिया में बिगड़े हालात के बाद ये दोनों रूसी तेल टैंकर जहाज भारत की ओर आ रहे हैं
अलीपोव ने आगे कहा, 'पश्चिमी देश लगातार भारत पर अपने फैसले थोंपना चाहते थे. लेकिन भारत कभी उनके दबाव में नहीं आया. भारत ने दोस्ती निभाते हुए एकतरफा प्रतिबंध को मान्यता नहीं दी.'
India-Russia Relations: स और पाक के बीच हुई इस डील की खबरों ने भारत में चिंता पैदा कर दी. ऐसा इसलिए, क्योंकि रूस को भारत का बढ़िया दोस्त और मजबूत सहयोगी है.
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता को मॉस्को में दुनिया के सबसे बड़े खूंखार अपराधी को गले लगाते देखना एक बड़ी निराशा और शांति प्रयासों के लिए एक विनाशकारी झटका है."
पीएम मोदी ने कहा, "ये रिश्ता म्यूचुअल ट्रस्ट और म्यूचुअल रिस्पेक्ट की मजबूत नींव पर बना है. भारत-रूस की दोस्ती के लिए मैं विशेष रूप से अपने मित्र राष्ट्रपति पुतिन की लीडरशिप की भी सराहना करूंगा. उन्होंने दो दशक से ज्यादा समय तक इस पार्टनरशिप को मजबूती देने के लिए शानदार काम किया है."