विजयवर्गीय ने कहा, 'बच्चों को बढ़ाना-लिखाना है लेकिन संस्कार भी देना है. बिना संस्कार के बच्चे सोनम रघुवंशी बन जाते हैं. मैं जहां जाता हूं, लोग इस घटना के बारे में पूछते हैं तो मुझे शर्म आती है. सोनम ने इंदौर को कलंकित कर दिया है. जिस महिला में शर्म, ममता और प्यार नहीं होता है तो वो पूतना के समान होती है.'