कलेक्टर की शुरुआती जांच में किसान की गलती ही सामने आई है. रामभरण विश्वकर्मा ने धान का रजिस्ट्रेशन अपने नहीं ,बल्कि अपने दादा रामनाथ बढ़ई के नाम पर करवाया था.
मामले पर पुलिस अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि पहले भी जिला कलेक्टर आशीष तिवार के नाम पर फर्जी फेसबुक पेज बनाया गया था. जिसे साइबर की मदद से बंद करवा दिया गया था. अब एक बार फिर से उनकी फोटो का इस्तेमाल करके फेसबुक पर फर्जी पेज बनवाया गया है.