प्रदेश में कुल 3,553 शराब दुकानों के लिए इस बार तीन से पांच दुकानों का समूह बनाकर नीलामी की जा रही है. सरकार का मानना है कि नई नीति से पारदर्शिता बढ़ेगी और राजस्व में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी.