जूना अखाड़ा और अन्य धार्मिक संगठनों में संन्यास दीक्षा के लिए उम्र और मानसिक विकास का विशेष महत्व होता है. परंपरा के अनुसार, दीक्षा लेने वालों की उम्र कम से कम 16 से 18 वर्ष होनी चाहिए.
भंडारी ने वक्फ बोर्ड के संदर्भ में कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 2013 में वक्फ को इतना सशक्त कर दिया था कि वह गरीबों, किसानों और यहां तक कि सरकारी ज़मीनों को भी वक्फ भूमि के रूप में पहचानने लगे थे.
महाकुंभ 2025 के दौरान प्रयागराज में श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए कई प्रकार की व्यवस्थाएं की गई हैं, जो अलग-अलग बजट और जरूरतों के अनुसार उपलब्ध हैं. चाहे आप सस्ते होमस्टे या धर्मशाला में रुकने का विकल्प चुनें, या फिर अधिक सुविधाजनक और लक्जरी टेंट और डोम सिटी का चयन करें, सभी के लिए यहां कोई न कोई व्यवस्था है.
Mahakumbh 2025: 45 दिनों के इस मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए IRCTC ने भी तैयारी की है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए IRCTC ने शानदार और लग्जरी टेंट तैयार किया है.
राम मंदिर के निर्माण के बाद, अब मथुरा और काशी जैसे अन्य धार्मिक स्थलों का मुद्दा भी उभर सकता है. RSS और VHP के नेतृत्व में महाकुंभ में इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है कि कैसे अन्य विवादित धार्मिक स्थलों पर भी न्याय मिल सकता है और इन स्थानों को धर्म की रक्षा के रूप में पुनर्निर्मित किया जा सकता है.
Mahakumbh 2025: 13 जनवरी 2025 से उत्तरप्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ लगने जा रहा है, वहीं 12 साल बाद लगने वाले इस महाकुंभ के आयोजन के लिए हर स्तर पर भव्य तैयारी की जा रही हैं.
Mahakumbh 2025: जनवरी से प्रयागराज में शुरू होने वाले महा कुंभ मेले के लिए रेलवे ने छत्तीसगढ़ के कुछ शहरों से स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है. जानें शेड्यूल-
Mahakumbh 2025: जनवरी से प्रयागराज में शुरू होने वाले महा कुंभ मेले के लिए रेलवे ने मध्य प्रदेश के कुछ शहरों से स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला लिया है. जानें शेड्यूल-
Mahakumbh 2025: महाकुंभ मेले में छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं के आने-जाने के लिए रेलवे ने स्पेशल ट्रेन चलाने का ऐलान किया है. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने आज ट्रेनों की सूची और टाइम जारी कर इसकी सूचना दी है.
उत्तर प्रदेश के आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्री सुनील कुमार शर्मा और समाज कल्याण राज्य मंत्री संजय गोंड आए हैं. दोनों मंत्रियों ने मुख्यमंत्री साय से मुलाकात की और उन्हें आमंत्रण पत्र, गंगा जल और कुंभ का प्रतीक चिन्ह सौंप कर उन्हें महाकुंभ में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया.