Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के चंद्रपुर नगर निगम में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन इसके बावजूद मेयर नहीं बना सकी. जानिए वजह.
Maharashtra Politics: देशभर में कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा देनी वाली पार्टी भाजपा ने सीधे कांग्रेस से ही हाथ मिलाने का फैसला कर लिया.
NCP Alliance: महाराष्ट्र में ठाकरे ब्रदर्स के बाद अब 'चाचा-भतीजा' भी एक साथ चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. अजित पवार ने रविवार को घोषणा की है कि नगर निगम चुनाव एनसीपी गठबंधन के साथ मिलकर लड़ेंगे.
ठाकरे ने बताया कि कैसे MVA ने लोकसभा चुनाव में कुछ ऐसी सीटें अपने सहयोगियों को दे दीं, जिन्हें उनकी पार्टी (शिवसेना) पहले कई बार जीत चुकी थी. यह बात उन्हें आज भी अखरती है. विधानसभा चुनाव के दौरान तो सीट बंटवारे पर आखिरी दम तक खींचतान चलती रही.
यह 'जय गुजरात' का नारा ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में भाषा को लेकर पहले से ही सियासी उबाल है. हाल के दिनों में हिंदी भाषा को थोपने के मुद्दे पर महायुति और महाविकास अघाड़ी (MVA) के बीच जोरदार बहस चल रही है. विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है कि बीजेपी और शिंदे सरकार मराठी भाषा को महत्व नहीं दे रही है.
जब चुनाव के नतीजे आए, तो सब हैरान रह गए. शिवसेना ने 73 सीटें जीतीं और भाजपा को 65 सीटें मिलीं. दोनों दलों की सीटों को मिलाकर आंकड़ा बहुमत के पार चला गया. यह महाराष्ट्र के इतिहास में पहली बार था जब कांग्रेस को हटाकर कोई गैर-कांग्रेसी सरकार बनी. बालासाहेब ठाकरे ने मुख्यमंत्री पद खुद नहीं संभाला, बल्कि शिवसेना के मनोहर जोशी को मुख्यमंत्री बनाया.
शहर के प्रमुख स्थानों पर लगे इन बैनरों में कब्र तक की दूरी साफ-साफ बताई गई है. मिसाल के तौर पर, क्रांतिचौक से 27 किमी, जिला न्यायालय से 26 किमी, बाबा पेट्रोल पंप से 25 किमी, होली क्रॉस स्कूल से 24 किमी, और शरनापुर से 14 किमी. मनसे का मकसद है कि लोग यह जानें कि मराठा इतिहास का एक क्रूर शासक यहीं दफन है.
शिंदे ने जो मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना और आनंदाचा सिद्धा योजना शुरू की थी. उसे रोक दिया गया है. इन योजनाओं का उद्देश्य बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा पर मुफ्त यात्रा का लाभ देना और त्योहारों के दौरान सस्ते दरों पर राशन मुहैया कराना था. इन फैसलों से शिंदे को यह संकेत मिल सकता है कि बीजेपी अब उन्हें पूरी तरह से सहयोग नहीं दे रही है.
महाराष्ट्र की सियासत में आने वाले बीएमसी (Brihanmumbai Municipal Corporation) चुनाव भी एक अहम मोड़ साबित हो सकते हैं. ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या उद्धव ठाकरे और भाजपा के बीच करीबी रिश्ते देखने को मिलेंगे? क्या शिवसेना फिर से भाजपा से जुड़ने के बारे में सोचेगी?
बीजेपी ने अपने कोटे से 20 विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल करने का निर्णय लिया है. इनमें से कुछ प्रमुख नामों में नितेश राणे, पंकजा मुंडे, और गिरीश महाजन शामिल हैं. इनके अलावा अन्य विधायकों में शिवेंद्र राजे, देवेन्द्र भुयार, मेघना बोर्डिकर और जयकुमार रावल जैसे नेता भी मंत्रिमंडल का हिस्सा बन सकते हैं.