सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2020 से 2023 के बीच प्रदेश में कुल 1.53 लाख मिसिंग केस दर्ज हुए. हर साल की शुरुआत में चलाए जाने वाले 'ऑपरेशन मुस्कान' जैसे अभियानों के बावजूद मामलों की संख्या लगातार बढ़ती गई.