भागवत ने कहा कि संगठन अपनी विचारधारा को थोपने की कोशिश नहीं करता और लोगों को संघ के प्रति अपनी राय बनाने की प्रबल आजादी है, बशर्ते वह राय तथ्यों (facts) पर आधारित हो ना कि अफवाहों या कल्पनाओं पर हो.
राजनीति में 75 साल में रिटायरमेंट होने वाली चर्चा को लेकर भी संघ प्रमुख ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, 'मैंने कभी नहीं कहा कि मैं रिटायर हो जाऊंगा या किसी और को 75 साल में रिटायर हो जाना चाहिए.'