हम 2008 की गर्मियों में वापस चलते हैं, जब संसद में एक और गंभीर घटना घटी थी. लोकसभा में तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार के खिलाफ विश्वास मत प्रस्ताव को लेकर बहस चल रही थी. शाम के चार बजे थे...