Explained: महाराष्ट्र को पहली महिला उप मुख्यमंत्री मिलने वाली हैं. इसी के साथ राज्य की राजनीति में 'पवार' विरासत का नया अध्याय भी शुरु हो रहा है. पढ़ें सुनेत्रा पवार के उदय की कहानी-
Sharad Pawar Statement: शरद पवार ने सुनेत्रा पवार के डिप्टी सीएम पद की शपथ से पहले बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि 12 फरवरी को दोनों पार्टियों का विलय होने वाला था.
Maharashtra Politics: एनसीपी का मानना है कि गठबंधन की सरकार में शक्ति और संतुलन को बरकरार रखने के लिए एनपीसी के पास अजित पवार को मिलने वाले मंत्रालय रहना जरूरी है.
मंत्रियों के विभागों का बंटवारा फिलहाल नहीं हुआ है, लेकिन कैबिनेट के स्वरूप में स्पष्ट रूप से यह देखा जा सकता है कि महायुति ने गठबंधन धर्म निभाने के साथ-साथ अनुभवी और युवा नेताओं के बीच संतुलन स्थापित करने की कोशिश की है.
बीजेपी ने अपने कोटे से 20 विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल करने का निर्णय लिया है. इनमें से कुछ प्रमुख नामों में नितेश राणे, पंकजा मुंडे, और गिरीश महाजन शामिल हैं. इनके अलावा अन्य विधायकों में शिवेंद्र राजे, देवेन्द्र भुयार, मेघना बोर्डिकर और जयकुमार रावल जैसे नेता भी मंत्रिमंडल का हिस्सा बन सकते हैं.
अजित पवार ने एनसीपी में अपनी ताकत साबित की है. वह अब मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं और उनका नाम भी इस दौड़ में शामिल हो गया है. हालांकि, वह डिप्टी सीएम पद को लेकर भी सहमति दिखा रहे हैं, अगर बीजेपी अपना मुख्यमंत्री चुनती है.
Maharashtra Election: अजित ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने बारामती निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी रैली नहीं करने का अनुरोध किया है. यह अनुरोध इसीलिए है क्योंकि यहां से उनके भतीजे उनके सामने चुनाव में खड़े हैं. बारामती सीट से मौजूदा विधायक पवार अपने भतीजे युगेंद्र पवार के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं. युगेंद्र, शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के उम्मीदवार हैं.
Maharashtra Assembly Election 2024: बता दें कि महाराष्ट्र में बीजेपी और एनसीपी (अजित पवार) महायुति गठबंधन का हिस्सा हैं. बीजेपी ने नवाब मलिक को टिकट देने का विरोध किया था. नवाब मलिक ने साफ कर दिया था कि वह हर हाल में नामांकन दाखिल करेंगे.
Ajit Pawar: अजित पवार ने आगे कहा कि चुनौतियों के बावजूद हम स्थिति सुधारने में कामयाब रहे. मेरी मां बहुत सहयोगी रही हैं, और उन्होंने यहां तक सलाह दी कि उन्हें (शरद गुट) को अजित पवार के खिलाफ अपना उम्मीदवार नहीं उतारना चाहिए.
युगेंद्र पवार, शरद पवार के पोते और अजित पवार के भाई श्रीनिवास पवार के बेटे हैं. ऐसे में इस सीट पर मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है.