निया भर में क्रिएटिव उद्योगों का जीडीपी में योगदान 0.5% से 7% तक होता है. भारत भी इसमें अब अग्रणी भूमिका निभाना चाहता है. ऐसे में भारत इसमें शामिल होकर अपनी विकास की रफ्तार को आगे बढ़ाना चाहता है.