इस मंदिर का महत्व सिर्फ कर्नाटक तक ही सीमित नहीं है. पिछले साल ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और उनकी पत्नी अक्षता मूर्ति भी इस मठ का दौरा करने पहुंचे थे. इसके अलावा, इंफोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति और उनकी पत्नी सुधा मूर्ति भी अपने परिवार के साथ इस धार्मिक स्थल पर पहुंचे थे.