रावलपिंडी के मैदान पर मैच के लिए जिन कवर्स का इस्तेमाल किया गया था, वो केवल पिच और 20 गज के घेरे तक सीमित थे, जबकि पूरे मैदान को ढकने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए थे. इस कारण मैदान में पानी जमा हो गया और मैच के शुरू होने में काफी देर हो गई.