आरडी प्रजापति ने आगे कहा, 'मैं चाहता हूं की हमको फांसी दी जाए. आईएएस संतोष वर्मा को हटा दिया जाए. लेकिन पहले इन कथावाचकों को जूतों की माला पहनाकर नंगा घुमाया जाए, जो व्यास पीठ पर बैठे हुए हैं.'