Bihar Election 2025: उधर, महागठबंधन में सीट बंटवारे का सस्पेंस थ्रिलर फिल्म से कम नहीं. आरजेडी (RJD) नेता तेजस्वी यादव गठबंधन को एकजुट रखने की जद्दोजहद में जुटे हैं, लेकिन मुकेश सहनी की वीआईपी (VIP) और कांग्रेस के बीच तनातनी थम नहीं रही. सहनी, न सिर्फ ज्यादा सीटें मांग रहे हैं, बल्कि डिप्टी सीएम का पद भी ठोक रहे हैं.
Congress 60 Seats Demand: राजद 130 से 138 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है. पार्टी का कहना है कि गठबंधन में उसका जनाधार सबसे बड़ा है, टिकटों का बंटवारा भी उसी अनुपात में होना चाहिए. पिछले विधानसभा चुनाव (2020) में कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 19 सीटों पर जीत हासिल की थी
Bihar Politics: तेजस्वी यादव का वादा युवाओं में उत्साह भर सकता है, जहां बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से ऊपर है. लेकिन फैक्ट्स साफ कहते हैं कि बिहार का बजट टाइट, आय केंद्र-निर्भर, कर्ज ऊंचा और मौजूदा सैलरी ही समय पर न दे पा रहे. अगर यह वादा लागू हुआ, तो टैक्स बढ़ाना, नई योजनाएं काटनी पड़ेंगी या केंद्र से स्पेशल पैकेज मांगना होगा.
Tejashwi Yadav Promise: बिहार चुनाव से पहले तेजस्वी यादव ने बड़ा वादा किया है. उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश में उनकी सरकार बनी तो हर परिवार को एक सरकारी नौकरी देने का कानून 20 दिन में बनाया जाएगा.
महागठबंधन में RJD और कांग्रेस के अलावा लेफ्ट पार्टियां, मुकेश सहनी की VIP, पशुपति पारस की LJP और हेमंत सोरेन की JMM भी शामिल हैं. नए दोस्तों के आने से सीटों का बंटवारा और पेचीदा हो गया है. RJD और कांग्रेस को अपनी कुछ सीटें इन नए सहयोगियों को देनी पड़ेंगी, जिससे सियासी समीकरण और मजेदार हो गए हैं.
Tejpratap Yadav In Bihar: तेज प्रताप यादव चुनावी सभा के दौरान भड़क गए, जब भीड़ में एक व्यक्ति ने 'अबकी बार तेजस्वी सरकार' का नारा लगाया. तेज प्रताप ने नारे लगाने वाले को जमकर फटकार लगाई.
Bihar Election 2025: आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में तेज प्रताप यादव ने वैशाली जिले की महुआ विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का ऐलान किया है.
Bihar Politics: राजद विधायक मुन्ना यादव ने एक विवादास्पद बयान में कहा कि जातीय सर्वे के बाद 'मिश्रा, सिंह, झा, शर्मा का गुजारा नहीं' और उनकी हैसियत उजागर हो चुकी है.
Bihar: बिहार चुनाव से पहले हो रहे वोटर लिस्ट रिवीजन पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार हो गया है. 10 जुलाई को मामले की सुनवाई होगी.
थोड़ा फ्लैशबैक में चलते हैं. लालू प्रसाद यादव के शासनकाल को अक्सर 'जंगलराज' और 'चारा घोटाला' जैसे शब्दों से जोड़ा जाता था. सड़कें गड्ढों में ज्यादा दिखती थीं और बिजली की आंख-मिचौली रोज की बात थी. शाम होते ही लोगों को घरों में दुबकना पड़ता था और अपराध का बोलबाला था.