CG News: बिहार की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी विशेष इंटेंसिव रिवीजन आज से शुरू हो रहा है. इस प्रोसेस में वोटर लिस्ट का अपडेशन होगा. नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे.
CG SIR Documents: छत्तीसगढ़ में SIR लागू होने के बाद प्रशासन ने काम शुरू कर दिया है. ऐसे में जिन वोटर्स और परिवार के सदस्यों के नाम 2003 की मतदाता सूची से मैच नहीं हो रहे हैं उन्हें अपने दस्तावेज तैयार करने की जरूरत है. जानें उन दस्तावेजों के बारे में-
Chhattisgarh SIR: बिहार की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी विशेष इंटेंसिव रिवीजन (SIR) सर्वे होगा. इसे लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार की अध्यक्षता में प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में आज से SIR यानी विशेष इंटेंसिव रिवीजन शुरू हो रहा है. इसके लिए कई दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी नहीं तो नई वोटर लिस्ट से नाम कट जाएगा. जानिए उन डॉक्यूमेंट्स के बारे में-
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि बिहार में एसआईआर सफल रहा. इसके साथ ही उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदशों में दूसरे फेज का एसआईआर शुरू होगा.
Chhattisgarh: बिहार और मध्य प्रदेश के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी वोटर लिस्ट के SIR यानी विशेष सघन पुनरीक्षण की तैयारी तेज हो गई है. प्रदेश में 1 जनवरी 2026 से SIR का काम शुरू होगा. वहीं अब इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में रायपुर ग्रामीण विधानसभा सीट का चयन किया गया है.
Chhattisgarh SIR: छत्तीसगढ़ में वोटर लिस्ट के SIR को लेकर बड़ी खबर है. प्रदेश में 1 जनवरी 2026 से SIR शुरू होगा. राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए तैयारी तेज कर दी है.
MP SIR Implementation: मध्य प्रदेश में SIR की तैयारी लगभग पूरी हो गई है. बिहार के बाद अब MP में वोटर लिस्ट के SIR के लिए तैयारी पूरी कर ली गई है. इतना ही नहीं 65 हजार से ज्यादा BLO को ट्रेनिंग भी दे दी गई है.
Supreme Court ने बिहार की 12 मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों को भी आड़े हाथों लिया. कोर्ट ने कहा कि हर पार्टी अपने बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) को सक्रिय करे और लोगों को फॉर्म भरने में मदद करे. कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि अगर कोई BLA फिजिकल फॉर्म जमा करता है, तो बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को उसे रसीद देनी होगी.
Bihar News: सबसे ज्यादा वोटर्स पटना से 3 लाख, 95 हजार 500 हटाए गए. वहीं सबसे कम वोटर्स की बात करें तो शेखपुरा से 26 हजार हटाए गए. महागठबंधन के सबसे मजबूत गढ़ माने जाने वाले पटना और मगध कमिश्नरेट के 11 जिलों से 16.57 लाख वोटर्स के नाम काटे गए