Brahmin MLA Meeting: यूपी में ब्राह्मण विधायकों की बैठक की अगुआई करने वाले भाजपा के विधायक पंचानंद पाठक ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.
UP Assembly Winter Session: लखनऊ में मंगलवार को सत्ता दल बीजेपी समेत सभी दलों के ब्राह्मण विधायक और विधान परिषद के सदस्य एकजुट हुए, जिसे सहभोज का नाम दिया गया.
अखिलेश यादव ने दलितों पर बयान देकर यूपी की राजनीति में नया विवाद ला दिया है। भाजपा के एमएलसी अरुण पाठक ने पलटबार करते हुए कहा कि अखिलेश को अल्जाइमर की बीमारी है.
सियासत में आजम खान का जलवा कोई नई बात नहीं. रामपुर से 10 बार विधायक रहे आजम का इलाके में जबरदस्त प्रभाव है. लेकिन खबरें हैं कि सपा मुखिया अखिलेश यादव से उनकी कुछ नाराजगी है. सूत्र बताते हैं कि जेल में लंबा वक्त बिताने के दौरान अखिलेश ने उनकी ज्यादा सुध नहीं ली, जिससे आजम का दिल टूटा है. ऐसे में बसपा और कांग्रेस जैसे दल अपनी बाहें फैलाए खड़े हैं.
UP Election 2027: अब 2027 के चुनाव की तैयारी में मौर्य फिर से बसपा की ओर देख रहे हैं. उनकी बेटी संघमित्रा मौर्य भी बसपा में शामिल होने की कोशिश में हैं. हाल ही में उनकी मायावती से मुलाकात की खबरें भी आईं, लेकिन अभी कोई ठोस संकेत नहीं मिला है.
Sanjay Nishad On BJP: 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों से भी निषाद पार्टी को सीख मिली. समाजवादी पार्टी ने निषाद वोटों को अपनी तरफ खींचा, जिससे बीजेपी को कुछ सीटों पर नुकसान हुआ. इस हार से सबक लेते हुए संजय निषाद ने अपने बेटे को पार्टी प्रभारी पद से हटा दिया. अब 31 अगस्त को वे 'जनजाति दिवस' मनाकर अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में हैं.
निषाद समुदाय को अभी अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में गिना जाता है, लेकिन वे लंबे समय से अनुसूचित जाति का दर्जा मांग रहे हैं. संजय निषाद का कहना है कि उनकी पार्टी ने बीजेपी के साथ गठबंधन ही इसी वादे पर किया था कि निषाद उप-जातियों को आरक्षण दिलाया जाएगा.
सात सपा विधायकों की क्रॉस वोटिंग के कारण बीजेपी के आठवें उम्मीदवार संजय सेठ चुनाव में जीत हासिल कर राज्यसभा पहुंच गए. 10 सीटों में से 8 पर भाजपा जबकि दो पर सपा के उम्मीदवारों को जीत मिली थी.
अखिलेश यादव ने कहा कि हम समाजवादी लोग हैं, हमें नेताजी ने जो रास्ता दिखाया, उस रास्ते पे चल रहे हैं. जनेश्वर मिश्र हम लोगों को जो सिखा के गए हैं, उसी के अनुसार काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लोग नफरत की दुर्गंध हैं. मैं कन्नौज के सुगंध वाले लोगों से कहूंगा कि ये दुर्गंध को हटाएं. अभी तो थोड़ी हटाई है अगली बार पूरी तरह स हटा दो.
अध्यक्ष महाना ने एकदम से कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा, “यह हमारी विधानसभा है, और ये गंदगी बिल्कुल नहीं चलेगी!” उन्होंने किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन जो यह कृत्य कर रहा था, उसे खुलेआम चुनौती दी कि वह खुद आकर यह बताए कि उसने ऐसा क्यों किया?