Sanjay Nishad On BJP: 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों से भी निषाद पार्टी को सीख मिली. समाजवादी पार्टी ने निषाद वोटों को अपनी तरफ खींचा, जिससे बीजेपी को कुछ सीटों पर नुकसान हुआ. इस हार से सबक लेते हुए संजय निषाद ने अपने बेटे को पार्टी प्रभारी पद से हटा दिया. अब 31 अगस्त को वे 'जनजाति दिवस' मनाकर अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में हैं.
निषाद समुदाय को अभी अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) में गिना जाता है, लेकिन वे लंबे समय से अनुसूचित जाति का दर्जा मांग रहे हैं. संजय निषाद का कहना है कि उनकी पार्टी ने बीजेपी के साथ गठबंधन ही इसी वादे पर किया था कि निषाद उप-जातियों को आरक्षण दिलाया जाएगा.
सात सपा विधायकों की क्रॉस वोटिंग के कारण बीजेपी के आठवें उम्मीदवार संजय सेठ चुनाव में जीत हासिल कर राज्यसभा पहुंच गए. 10 सीटों में से 8 पर भाजपा जबकि दो पर सपा के उम्मीदवारों को जीत मिली थी.
अखिलेश यादव ने कहा कि हम समाजवादी लोग हैं, हमें नेताजी ने जो रास्ता दिखाया, उस रास्ते पे चल रहे हैं. जनेश्वर मिश्र हम लोगों को जो सिखा के गए हैं, उसी के अनुसार काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लोग नफरत की दुर्गंध हैं. मैं कन्नौज के सुगंध वाले लोगों से कहूंगा कि ये दुर्गंध को हटाएं. अभी तो थोड़ी हटाई है अगली बार पूरी तरह स हटा दो.
अध्यक्ष महाना ने एकदम से कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा, “यह हमारी विधानसभा है, और ये गंदगी बिल्कुल नहीं चलेगी!” उन्होंने किसी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन जो यह कृत्य कर रहा था, उसे खुलेआम चुनौती दी कि वह खुद आकर यह बताए कि उसने ऐसा क्यों किया?
महाकुंभ में विभिन्न जातियों और वर्गों के लोग संगम में एक साथ स्नान कर रहे हैं, और इस सांस्कृतिक मेलजोल को सामाजिक समता का सबसे बड़ा उदाहरण बताया जा रहा है. योगी आदित्यनाथ ने इसे “आस्था, समता और एकता का महासमागम” कहा है.
इस विवाद में अब कांग्रेस भी कूद पड़ी है. यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने आशीष पटेल को कांग्रेस में शामिल होने का निमंत्रण दिया है. अजय राय ने यह भी आरोप लगाया कि योगी सरकार एसटीएफ का इस्तेमाल मंत्रियों को डराने के लिए कर रही है.
अखिलेश यादव ने यूपी में कांग्रेस के साथ अपने गठबंधन को लेकर भी विचार व्यक्त किए. उन्होंने कहा, "कांग्रेस को धीरे-धीरे यह समझ में आएगा कि समाजवादी पार्टी की रणनीति ही बीजेपी को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है."
निषाद पार्टी ने भी इस राजनीतिक माहौल में सक्रियता दिखाई है. उन्होंने सपा और बीजेपी के खिलाफ अपने पोस्टर लगाए हैं, जिसमें लिखा गया है, "सत्ताईस का नारा, निषाद है सहारा." इससे पार्टी ने अपनी पहचान और वोट बैंक को मजबूत करने का प्रयास किया है.
सीएम योगी के "बंटेंगे तो कटेंगे" वाले बयान पर विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी, की ओर से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है.