विराट कोहली ने एडिलेड ओवल के मैदान पर अब तक 11 इंटरनेशनल मैच खेले हैं और कुल 957 रन बनाए हैं. अगर वह दूसरे टेस्ट मैच में 43 रन और बना लेते हैं, तो वह इस मैदान पर इंटरनेशनल क्रिकेट में 1000 रन पूरे करने वाले पहले विदेशी बल्लेबाज बन जाएंगे.
कोहली कप्तानी नहीं करते हैं तो टीम के पास रजत पाटीदार, क्रुणाल पंड्या, और भुवनेश्वर कुमार जैसे विकल्प मौजूद हैं. विशेष रूप से रजत पाटीदार की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है.
कोहली ने महान ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन को भी पीछे छोड़ दिया है. ब्रैडमैन ने अपने करियर में कुल 29 टेस्ट शतक लगाए थे, विराट अब 30 टेस्ट शतकों के साथ उनसे आगे निकल गए हैं.
पर्थ में खेले जा रहे बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पहले मैच में भारत की शुरुआत खराब रही है. भारतीय टीम ने 108 रन पर 6 विकेट गवा दिए हैं. पंत 29 और रेड्डी 21 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं.
विराट कोहली अपने बल्ले से हमेशा से ही ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर भारी पड़ते हैं. फिर चाहे मैच घर पर हो या ऑस्ट्रेलिया में कोहली ने लगातार रन बनाए हैं. कोहली ने ऑस्ट्रेलिया में 6 शतक लगाए हैं.
आईसीसी टेस्ट रैंकिंग में पूरे 3617 दिनों बाद ऐसा हुआ है कि कोहली टॉप 10 में नहीं हैं. अगर इसे सालों में गिना जाए तो करीब 9 साल और 9 महीने होते हैं, यानी लगभग 10 साल.
विराट कोहली इस समय क्रिकेट के मैदान पर अपने फॉर्म से जूझ रहे हैं. हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भी उनका प्रदर्शन खास नहीं रहा.
भारतीय टीम, जो घर में लगातार 18 टेस्ट सीरीज जीत का रिकॉर्ड बनाए हुए थी, इस बार सीरीज 0-3 से हार गई. खास बात यह है कि यह हार 12 साल बाद भारत के घरेलू मैदान पर मिली है.
विराट कोहली ने रिटेंशन के बाद कहा, 'हर कोई जानता है कि आरसीबी मेरे लिए क्या मायने रखती है. इतने सालों में यह एक बहुत ही खास रिश्ता रहा है, जो लगातार मजबूत हो रहा है. आरसीबी के लिए खेलते हुए मैंने जो अनुभव किया है, वह वाकई बहुत खास है.
रिटेंशन की इस सूची में सबसे बड़ी बात यह रही कि ऋषभ पंत, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, और फाफ डु प्लेसिस को उनकी फ्रेंचाइजी टीमों ने रिटेन नहीं किया. ये सभी खिलाड़ी पिछले सीजन में अपनी-अपनी टीमों की कप्तानी कर चुके हैं.