‘मेहनत करने वाले को मुनाफा मिलना चाहिए…’, Bharat Taxi के ड्राइवरों से बातचीत में बोले गृह मंत्री अमित शाह
गृह मंत्री अमित शाह
Amit Shah Meets Bharat Taxi Drivers: आज केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने ‘भारत टैक्सी’ के सारथियों (ड्राइवरों) के साथ एक महत्वपूर्ण संवाद किया. इस टाउन हॉल जैसी बातचीत में उन्होंने भारत टैक्सी के सहकारी मॉडल की खासियतें बताईं और जोर दिया कि यह प्लेटफॉर्म ड्राइवरों को मालिक बनाएगा, न कि किसी निजी कंपनी का लाभार्थी.
शाह ने कहा कि भारत टैक्सी का उद्देश्य मोटा मुनाफा कमाना नहीं है, बल्कि मेहनत करने वाले सारथियों को मजबूत बनाना है. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्लेटफॉर्म पर कमाई का 80% हिस्सा ड्राइवरों को उनके द्वारा तय किए गए किलोमीटर के आधार पर मिलेगा, जबकि 20% सहकारी पूंजी के रूप में सुरक्षित रहेगा. साथ ही, उन्होंने वादा किया कि कोई भी ड्राइवर बेस रेट से कम नहीं कमाएगा, जो निजी ऐप्स में अक्सर होता है.
भारत के लिए क्यों उपयोगी है?
‘भारत टैक्सी’ देश की पहली सहकारी राइड-हेलिंग सेवा है, जो आत्मनिर्भर भारत और सहकारिता की भावना को मजबूत करती है. यह लाखों ड्राइवरों को संगठित कर उन्हें आर्थिक सुरक्षा देती है.
- यह शहरी परिवहन को अधिक समावेशी और किफायती बनाती है.
- सर्ज प्राइसिंग और उच्च कमीशन से मुक्ति देकर आम यात्रियों को राहत मिलती है.
- सहकारी मॉडल से ड्राइवरों की आय स्थिर होती है, जिससे गरीबी कम करने और रोजगार की गुणवत्ता बढ़ाने में मदद मिलती है.
- अगले 2-3 वर्षों में सभी म्युनिसिपल शहरों तक विस्तार से देशव्यापी प्रभाव पड़ेगा.
ओला, उबर जैसी कंपनियों से बेहतर क्यों है?
ओला, उबर, रैपिडो जैसी निजी कंपनियां कॉर्पोरेट मॉडल पर चलती हैं, जहां 20-30% कमीशन कंपनी लेती है.
ये भी पढ़ें: Indian Railways: रेलवे में लोको पायलट को कितनी मिलती है तनख्वाह? जानिए क्या मिलती हैं सरकारी सुविधाएं
- सर्ज प्राइसिंग से किराया कई गुना बढ़ जाता है.
- ड्राइवरों की कमाई अनिश्चित रहती है, बेस रेट की कोई गारंटी नहीं.
- मुनाफा कंपनी के मालिकों या शेयरधारकों के पास जाता hai.
भारत टैक्सी में क्या है खास?
- जीरो कमीशन-पूरा पैसा ड्राइवर और सहकारी के बीच बंटता है.
- कोई सर्ज प्राइसिंग नहीं-किराया स्थिर और सस्ता रहता ह.
- ड्राइवर मालिक होते हैं (केवल ₹500 निवेश से शेयरधारक बन सकते हैं).
- पारदर्शिता पूरी है. खाते खुले, नोटिफिकेशन से सब जानकारी.
ड्राइवरों को क्या लाभ हैं?
- न्यूनतम बेस रेट की गारंटी- कभी भी कम नहीं कमाएंगे.
- 80% प्रॉफिट शेयर- किलोमीटर के आधार पर सीधे बैंक में.
- 500 रुपए से सदस्यता- फिक्स्ड रिटर्न + लंबे समय में प्रॉफिट शेयर.
- सस्ता बीमा- व्यक्तिगत दुर्घटना, स्वास्थ्य बीमा (इफको टोकियो जैसे पार्टनर से कम प्रीमियम पर).
- सहकारी बैंक से आसान लोन – गाड़ी को मॉर्गेज रखकर वाहन खरीद/अपग्रेड के लिए.
- महिला ड्राइवरों (‘सारथी दीदी’) के लिए विशेष प्रावधान – प्राथमिकता और सुरक्षा.
- स्वामित्व की भावना – ड्राइवर सिर्फ कमाते नहीं, बल्कि मालिक बनते हैं.
ड्राइवरों से बातचीत में अमित शाह ने कहा, “जो मेहनत करता है, उसे मुनाफा मिलना चाहिए, न कि किसी अमीर व्यक्ति को.” भारत टैक्सी इसी सोच का जीता-जागता उदाहरण है, जो भारत के टैक्सी सेक्टर में क्रांति ला रहा है. यह सेवा दिल्ली-एनसीआर और गुजरात से शुरू होकर जल्द पूरे देश में फैलेगी.