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इस योजना के तहत मछली पालन पर सरकार दे रही बंपर सब्सिडी और आसान लोन, जानिए कैसे उठाएं लाभ

Fish Farming Business

मछली पालन बिजनेस

Fish Farming Business: आज के दौर में खेती सिर्फ गेहूं, धान और दूसरी पारंपरिक फसलों तक सीमित नहीं रह गई है. नई तकनीकों और सरकारी योजनाओं की मदद से किसान अब खेती को एक फायदे वाले बिजनेस की तरह चला रहे हैं. मौसम की मार, बढ़ती लागत और कम मुनाफे की वजह से कई किसान नई कमाई के ऑप्शन तलाश रहे हैं. ऐसे में मछली पालन यानी फिश फार्मिंग तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. सरकार भी प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत किसानों को सब्सिडी और आसान लोन देकर इस काम को बढ़ावा दे रही है. अगर कोई किसान कम खर्च में अच्छा और लगातार मुनाफा देने वाला काम शुरू करना चाहता है, तो मछली पालन उसके लिए शानदार विकल्प बन सकता है.

कैसे शुरू करें मछली पालन का बिजनेस?

जानिए सब्सिडी और लोन का पूरा प्रोसेस

सरकार की इस योजना में किसानों को आर्थिक मदद भी दी जाती है. सामान्य वर्ग के पुरुष किसानों को तालाब निर्माण और दूसरी जरूरी लागत पर करीब 40 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलती है. वहीं महिलाओं और एससी-एसटी वर्ग के किसानों को 60 प्रतिशत तक की सहायता दी जाती है. इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान को अपने जिले के मत्स्य विभाग में आवेदन करना होता है. आवेदन के साथ एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट भी जमा करनी पड़ती है. विभाग से मंजूरी मिलने के बाद बैंक लोन के लिए सिफारिश पत्र दिया जाता है. इसके जरिए किसान कम ब्याज दर पर आसानी से लोन ले सकते हैं और सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में भेज दी जाती है.

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कमाई बढ़ाने के तरीके

मछली पालन में ज्यादा कमाई के लिए सही प्रजाति का चुनाव करना बहुत जरूरी माना जाता है. भारत में रोहू, कतला, म्रिगल और मांगुर जैसी मछलियों की मांग पूरे साल बनी रहती है. ये मछलियां तेजी से बढ़ती हैं और बाजार में अच्छे दाम पर बिकती हैं. इसके अलावा कई किसान तालाब के साथ मुर्गी पालन या बत्तख पालन भी करते हैं, जिससे उनकी अतिरिक्त कमाई होती है. खास बात यह है कि बत्तख की बीट मछलियों के लिए प्राकृतिक भोजन का काम करती है, जिससे खर्च भी कम होता है और मुनाफा बढ़ जाता है.

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