मोदी सरकार का सख्त निर्देश, देश के सभी राज्यों में शुरू होगा ‘ई-जीरो एफआईआर’ सिस्टम, साइबर स्कैम से मिलेगी राहत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बड़े अधिकारियों को अपने यहां 'ई-जीरो एफआईआर' का सिस्टम तुरंत चालू करने के लिए कहा है. सरकार का मकसद ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट और पैसों की साइबर ठगी को रोकना और पीड़ितों को जल्द से जल्द मदद पहुंचाना है.
symbolic image

सांकेतिक तस्वीर

‘e-Zero FIR’ Launched All States: डिजिटल युग में साइबर अपराध के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. हर रोज साइबर ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं और उनसे लाखों-करोड़ों की ठगी करते हैं. देशभर में बढ़ रहे साइबर अपराध के मामलों को देखते हुए मोदी सरकार एक नई पहल की शुरुआत करने जा रही है. हाल ही में पीएम मोदी की अध्यक्षता में ‘प्रगति’ बैठक सम्पन्न हुई, जिसके दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सभी राज्यों में ई-जीरो एफआईआर (E-Zero FIR) शुरू करने के निर्देश दिए हैं. यह कदम साइबर अपराध को रोकने और डिजिटल सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए उठाया गया है.

पीएम मोदी का क्या है निर्देश?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बड़े अधिकारियों को अपने यहां ‘ई-जीरो एफआईआर’ का सिस्टम तुरंत चालू करने के लिए कहा है. सरकार का मकसद ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट और पैसों की साइबर ठगी को रोकना और पीड़ितों को जल्द से जल्द मदद पहुंचाना है. पीएम मोदी ने साफ निर्देश दिया है कि जैसे ही ऑनलाइन ‘ई-जीरो एफआईआर’ दर्ज हो, राज्यों की साइबर टीम को बिना कोई देरी किए ठगों के बैंक खातों को तुरंत फ्रीज कर देना चाहिए.

क्या है ई-जीरो एफआईआर?

अगर आपके साथ किसी दूसरे शहर या राज्य में कोई अपराध या दुर्घटना होती है, तो आपको घटना वाली जगह के पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत नहीं है. आप अपने घर या पास के किसी भी थाने में जाकर ऑनलाइन या ऑफलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं. वह इलाका उस थाने के तहत नहीं आता, इसलिए पुलिस केस को कोई सीरियल नंबर देने के बजाय ’00’ नंबर देकर दर्ज कर लेती है. इसी व्यवस्था को ‘जीरो-एफआईआर’ कहा जाता है.

ये भी पढ़ें-पासपोर्ट नहीं है नागरिकता का प्रमाण, जानिए किन डॉक्यूमेंट्स से साबित होगी भारतीय नागरिकता

यह सिस्टम कैसे काम करता है?

  • यह डिजिटल सिस्टम बहुत ही आसान तरीके से काम करता है.
  • पीड़ित व्यक्ति गृह मंत्रालय की वेबसाइट (डिजिटल पुलिस पोर्टल) या अपने राज्य की पुलिस ऐप पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकता है.
  • शिकायत दर्ज होते ही कंप्यूटर सिस्टम आपके चुने हुए पास के थाने में तुरंत एक ‘ई-जीरो एफआईआर’ बना देता है.
  • इसके तुरंत बाद उस एफआईआर की एक असली कॉपी सीधे आपके व्हाट्सएप या ईमेल पर भेज दी जाती है.

ज़रूर पढ़ें