पासपोर्ट नहीं है नागरिकता का प्रमाण, जानिए किन डॉक्यूमेंट्स से साबित होगी भारतीय नागरिकता

Indian Citizenship Proof Documents: मंत्रालय के अनुसार, पासपोर्ट नागरिकता साबित करने वाला दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह केवल एक ट्रैवल दस्तावेज है. इस मुद्दे को लेकर विपक्षी नेता भी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं. ऐसे में देश के करोड़ों लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि यदि पासपोर्ट से नागरिकता साबित नहीं होती, तो आखिर किन दस्तावेजों के आधार पर नागरिकता सिद्ध की जा सकती है.
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Passport Not Citizenship Proof: इन दिनों देशभर में नागरिकता प्रमाण पत्र को लेकर चर्चाएं हो रही हैं. जब भी आप किसी दूसरे देश में घूमने-फिरने या किसी जरूरी काम से जाते हैं, तो वहां आपसे नागरिकता का प्रमाण मांगा जा सकता है. आमतौर पर लोग पासपोर्ट दिखाकर यह साबित करते हैं कि वे किस देश के नागरिक हैं. हालांकि, हाल ही में विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट को लेकर एक नया स्पष्टीकरण जारी किया है.

मंत्रालय के अनुसार, पासपोर्ट नागरिकता साबित करने वाला दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह केवल एक ट्रैवल दस्तावेज है. इस मुद्दे को लेकर विपक्षी नेता भी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं. ऐसे में देश के करोड़ों लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि यदि पासपोर्ट से नागरिकता साबित नहीं होती, तो आखिर किन दस्तावेजों के आधार पर नागरिकता सिद्ध की जा सकती है. आइए जानते हैं उन दस्तावेजों के बारे में, जिनके जरिए आप अपनी नागरिकता का प्रमाण दे सकते हैं.

क्या आधार और वोटर आइडी कार्ड से नागरिकता साबित होगी?

यदि आप यह सोच रहे हैं कि पासपोर्ट के बजाय आधार कार्ड या वोटर आईडी कार्ड दिखाकर भारतीय नागरिक होने का प्रमाण दिया जा सकता है, तो ऐसा नहीं है. ये दोनों डॉक्यूमेंट्स भी नागरिकता साबित करने के लिए मान्य नहीं हैं. सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड केवल पहचान और निवास संबंधी जानकारी के लिए उपयोग किए जाते हैं. इनसे किसी व्यक्ति की नागरिकता सिद्ध नहीं होती, बल्कि केवल उसकी पहचान स्थापित की जा सकती है.

नागरिकता को लेकर क्या कहता है संविधान?

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 5 से 11 में नागरिकता से जुड़े नियमों को समझाया गया है. इसके अनुसार, 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू होने के समय भारत में रहने वाला हर वह व्यक्ति यहां का नागरिक बन गया, जिसका जन्म भारत में हुआ था. बाद में साल 1955 में एक नया कानून बनाया गया, जिसमें नागरिकता मिलने और उसे समाप्त होने की सभी शर्तों को विस्तार से तय किया गया.

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क्या है नागरिकता का असली डॉक्यूमेंट्स?

भारतीय संविधान के अनुसार, भारत में जन्म लेने वाला हर व्यक्ति यहां का नागरिक है, इसलिए नागरिकता साबित करने के लिए किसी एक विशेष सरकारी डॉक्यूमेंट की जरूरत नहीं होती. यहां नागरिकता का मुख्य आधार जन्म ही है, इसलिए आप नगर निगम, नगरपालिका या ग्राम पंचायत द्वारा जारी बर्थ सर्टिफिकेट दिखाकर अपनी नागरिकता साबित कर सकते हैं. यदि आपके पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं है, तो आप दूसरे जरूरी डॉक्यूमेंट्स की मदद से इसे आसानी से बनवा सकते हैं और नागरिकता के सबूत के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं.

वहीं समय के साथ नागरिकता कानून में कई बदलाव हुए हैं, जिसके तहत अब नागरिकता तय करने के लिए व्यक्ति के जन्म का साल और उससे जुड़े अलग-अलग नियम देखे जाते हैं.

  • 26 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1987 के बीच जन्मे: केवल भारत में जन्म होना और बर्थ सर्टिफिकेट ही नागरिकता के लिए काफी है.
  • 1 जुलाई 1987 से 3 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे: बर्थ सर्टिफिकेट के साथ माता या पिता में से किसी एक का भारतीय होना जरूरी है.
  • 3 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे: माता-पिता दोनों का भारतीय होना या उनमें से किसी का भी अवैध प्रवासी (Illegal Migrant) न होना जरूरी है.

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