अपना काम शुरू करने के लिए सरकार दे रही ₹90,000 का ‘बिना गारंटी’ लोन, जानें कैसे उठाएं इस स्कीम का लाभ
PM SVANidhi Yojana
PM SVANidhi Yojana: छोटे व्यवसायों और रेहड़ी-पटरी वालों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए केंद्र सरकार की पीएम स्वनिधि (PM SVANidhi) योजना एक गेम-चेंजर साबित हो रही है. बिना किसी गारंटी के और आसान किस्तों में ₹90,000 तक का लोन प्रदान करने वाली इस स्कीम का उद्देश्य न केवल वित्तीय सहायता देना है, बल्कि छोटे व्यापारियों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ना भी है. आइए जानते हैं इस योजना की पूरी प्रक्रिया और इसके लाभों के बारे में.
PM SVANidhi योजना क्या है?
यह योजना मुख्य रूप से रेहड़ी-पटरी वालों (Street Vendors) के लिए शुरू की गई थी ताकि वे अपना छोटा व्यवसाय शुरू कर सकें या उसे बढ़ा सकें. इस लोन के लिए आपको किसी भी तरह की गारंटी (Collateral) देने की जरूरत नहीं होती और केवल आधार कार्ड के जरिए ई-केवाईसी (e-KYC) कर आवेदन किया जा सकता है.
₹90,000 का हिसाब (3 किस्तें)
यह पैसा आपको एक बार में नहीं, बल्कि तीन चरणों में मिलता है.
पहली किस्त ₹15,000 (पहले यह ₹10,000 थी), दूसरी किस्त ₹25,000 (पहली किस्त समय पर चुकाने के बाद) और तीसरी किस्त ₹50,000 (दूसरी किस्त सफलतापूर्वक चुकाने के बाद) होती है. कुल मिलाकर आप ₹90,000 तक का लोन ले सकते हैं.
स्कीम की खास बातें
बिना गारंटी लोन: आपको अपनी कोई भी संपत्ति गिरवी रखने की जरूरत नहीं है.
ब्याज में छूट: यदि आप समय पर किस्तों का भुगतान करते हैं, तो सरकार आपको 7% की सालाना ब्याज सब्सिडी देती है, जो सीधे आपके बैंक खाते में जमा होती है.
डिजिटल रिवॉर्ड: अगर आप डिजिटल ट्रांजेक्शन (जैसे UPI) का उपयोग करते हैं, तो आपको मंथली कैशबैक भी मिलता है.
अवधि: सरकार ने इस योजना को 31 मार्च 2030 तक के लिए बढ़ा दिया है.
यह भी पढ़ें: यूपी-बिहार के यात्रियों की मौज! बंगाल से वाराणसी और दिल्ली जाना होगा आसान, जानें नई अमृत भारत का रूट और किराया
किसे मिल सकता है यह लोन?
वे सभी लोग जो सड़कों के किनारे सामान बेचते हैं (जैसे फल-सब्जी, चाय की दुकान, नाई, मोची आदि).
आवेदक के पास नगर निगम/नगर पालिका द्वारा जारी वेंडिंग सर्टिफिकेट (CoV) या पहचान पत्र होना चाहिए.
यदि सर्टिफिकेट नहीं है, तो स्थानीय निकाय (ULB) से सिफारिश पत्र (Letter of Recommendation) लेकर भी आवेदन किया जा सकता है.