सुप्रीम कोर्ट का सख्त आदेश, बस-ऑटो में अब GPS और पैनिक बटन जरूरी, नहीं होने पर लाइसेंस होगा रद्द
बस-ऑटो में पैनिक बटन लगाना जरूरी
Supreme Court Taxi Rules: अगर आप टैक्सी, कैब, ऑटो या किसी दूसरे सार्वजनिक वाहन से सफर करते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत जरूरी है. बुधवार को Supreme Court of India ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि टैक्सी, कैब, बस और दूसरे पब्लिक वाहनों में GPS ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन लगाना जरूरी किया जाए. अदालत का मानना है कि महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए यह कदम बहुत जरूरी है. कोर्ट ने यह भी कहा कि फिलहाल देश में बहुत कम वाहनों में ये सुविधाएं मौजूद हैं, जो चिंता का विषय है.
क्या है सुप्रीम कोर्ट का नया आदेश?
सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया है कि अब जिन पब्लिक वाहनों में GPS और पैनिक बटन नहीं होंगे, उन्हें फिटनेस सर्टिफिकेट या परमिट नहीं दिया जाएगा. यानी सभी टैक्सी, कैब, बस और कमर्शियल वाहनों में ये सुरक्षा सुविधाएं लगाना अनिवार्य होगा. अदालत ने यह भी कहा कि इन डिवाइस की जानकारी Vahan App में अपडेट की जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर वाहन की पूरी डिटेल तुरंत मिल सके.
पैनिक बटन से कैसे मिलेगी मदद?
- पैनिक बटन एक ऐसा इमरजेंसी बटन होता है, जिसे किसी खतरे या परेशानी की स्थिति में दबाकर तुरंत मदद मांगी जा सकती है.
- बटन दबाते ही कंट्रोल रूम और संबंधित विभाग को अलर्ट मिल जाएगा.
- वहीं GPS ट्रैकिंग डिवाइस की मदद से वाहन की लाइव लोकेशन आसानी से पता लगाई जा सकेगी, जिससे किसी भी आपात स्थिति में वाहन को तुरंत ट्रैक करना आसान होगा.
वाहन कंपनियों को कोर्ट का सख्त निर्देश
कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि वाहन बनाने वाली कंपनियां गाड़ी बेचने से पहले ही फैक्ट्री में GPS और पैनिक बटन लगाकर दें. इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से ऑटोमोबाइल कंपनियों के साथ बातचीत कर इस मामले में रिपोर्ट तैयार करने को कहा है.
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कोर्ट ने सड़क हादसों पर भी चिंता जताई
सुनवाई के दौरान अदालत ने सड़क हादसों पर भी चिंता जताई. कोर्ट ने कहा कि भारत में कई लोग सही तरीके से लेन ड्राइविंग का पालन नहीं करते, जिसकी वजह से सड़क दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस समस्या पर गंभीरता से ध्यान देने को कहा है.