आसमान में दुर्लभ खगोलीय संयोग, ‘ब्लू मून’ और ‘माइक्रो मून’ एक साथ दिखेंगे, चंद्रमा आज पृथ्वी से सबसे दूर

सामान्य दिनों की अपेक्षा चंद्रमा 5 से 7 प्रतिशत तक छोटा दिखाई देगा. इसके साथ ही लगभग 10 प्रतिशत कम चमकीला होगा. ऐसी स्थिति को माइक्रोमून कहा जाता है.
Symbolic picture.

सांकेतिक तस्वीर.

Blue Moon Day: आज यानी 31 मई को आसमान में एक दुर्लभ खगोलीय घटना घटित होने वाली है. आज चंद्रमा पृथ्वी से सबसे दूर होगा. जिसके कारण इसे माइक्रोमून कहा जा रहा है. वहीं ब्लू मून का मतलब अंग्रेजी महीने से है. जब एक ही अंग्रेजी महीने में दो पूर्णिमा होते हैं तो दूसरे पूर्णिमा को ब्लू मून कहते हैं. आज मई महीने का दूसरा पूर्णिमा है.

4 लाख 6 हजार किलोमीटर दूर होगा चंद्रमा

आज मई महीने की दूसरी पूर्णिमा है. इसके पहले एक मई को पूर्णिमा पड़ी थी. आज चंद्रमा पृथ्वी से एपोजी पर होगा. यानी कि आज चंद्रमा पृथ्वी से सबसे दूर लगभग 4 लाख 6 हजार किलोमीटर पर होगा. बता दें एपोजी एक ऐसी स्थिति होती है, जहां चंद्रमा पृथ्वी से लगभग 4 लाख 5 हजार किलोमीटर से भी दूरी पर होता है. खगोल वैज्ञानिकों के मुताबिक एपीजो के साथ ही ब्लू मून की स्थिति दुर्लभ खगोलीय घटनाओं में से एक है. ये पूरी घटना बिना किसी टेलीस्कोप के देखी जा सकती है.

बताया जाता है कि चंद्रमा पृथ्वी का चक्कर एकदम गोल मार्ग पर नहीं करता है, बल्कि एक अंडाकार मार्ग पर करता है. इस चक्कर को पूरा करने के दौरान चंद्रमा जब पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूरी पर होता है तो इस तरह की घटना होती है.

7 प्रतिशत छोटा और 10 परसेंट कम चमकदार होगा चंद्रमा

खगोल वैज्ञानिकों के मुताबिक चंद्रमा आज एपोजो की स्थिति में होने के कारण सामान्य दिनों की अपेक्षा 5 से 7 प्रतिशत तक छोटा दिखाई देगा. इसके साथ ही लगभग 10 प्रतिशत कम चमकीला होगा. ऐसी स्थिति को माइक्रोमून कहा जाता है.

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक इस खगोलीय घटना का राशियों पर भी असर पड़ सकता है. आज चंद्रमा वृश्चिक राशि के सबसे चमकदार लाल तारे ‘एंटारेस’ के भी सबसे करीब होगा. भारत में इस घटना की चमक दोपहर में सबसे ज्यादा होगी. लेकिन रात में इसे देखा जा सकेगा. हिंदू पंचांग के मुताबिक 31 मई की शाम को 7 बजक 36 मिनट पर चंद्रोदय होगा.

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