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ईशान आनंद बने BSP के राष्ट्रीय संयोजक, मायावती ने फिर भतीजे पर जताया भरोसा

Ishan Anand With Mayawati

मायावती ने भतीजे ईशान आनंद को BSP का राष्ट्रीय संयोजक बनाया.

Mayawati Trusts Nephew Ishan Anand: बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने एक बार फिर अपने भतीजे ईशान आनंद पर भरोसा जताया है. ईशान आनंद को BSP का राष्ट्रीय संयोजक बनाया है. मायावती ने इसकी घोषणा आज बुधवार को पार्टी कार्यालय लखनऊ से की है. पहले BSP के राष्ट्रीय संयोजक ईशान आनंद के बड़े भाई आकाश आनंद थे, जिनसे पार्टी ने जिम्मेदारियां छीन ली थी. अब मायावती ने ईशान आनंद को पार्टी का नेशनल कोर्डिनेटर बनाया है.

मायावती ने आज बुधवार को पार्टी कार्यालय लखनऊ में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय नेताओं की बैठक बुलाई थी. इस बैठक में मायावती ने ईशान आनंद को बड़ी जिम्मेदारी देने का फैसला किया. ईशान आनंद भी बैठक में शामिल होने पहुंचे थे और उन्होंने मायावती का पैर छूकर आशीर्वाद लिया. इस दौरान मायावती ने भी उन्हें आशीर्वाद दिया और कुछ ही देर बाद ईशान आनंद को राष्ट्रीय संयोजक बनाने की घोषणा कर दी. इस दौरान ईशान आनंद के पिता आनंद कुमार भी मौजूद रहे.

आकाश की जगह ईशान आनंद को जिम्मेदारी

बता दें, मायावती ने पहले अपने बड़े भतीजे आकाश आनंद को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी देकर अपना उत्तराधिकारी बताया था, लेकिन बाद में उन पर आरोप लगाया कि आकाश आनंद अपने ससुर के कहने पर चलते हैं और उनके वश में हो गए हैं. जिसके बाद मायावती ने पहले आकाश आनंद के ससुर पर दबाव देकर उन्हें राजनीतिक सन्यास दिला दिया और बाद में आकाश आनंद को भी पार्टी से बाहर कर दिया. जिसके बाद ईशान आनंद को पार्टी में आगे लाने की बात कही थी, लेकिन कुछ ही दिनों बाद ईशान आनंद को भी मायावती ने कोई जिम्मेदारी नहीं देने का फैसला लिया. जिस प्रकार से मायावती अपने फैसलों को बदलती रहीं. उस हिसाब से देखा जाए तो ईशान के लिए भी जिम्मेदारी संभालना किसी चुनौती से कम नहीं होगा.

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ईशान आनंद अभी तक पार्टी में सक्रिय राजनीति में एक्टिव नहीं थे. लेकिन पर्दे के पीछ से डिजिटल मीडिया, युवा विंग और तकनीकी रणनीतियों की जिम्मेदारियां संभाल रहे थे. जबकि बड़े भाई आकाश आनंद करीब 9 सालों से राजनीति में सक्रिय रहे हैं. ईशान आनंद जिम्मेदारियां मिलने के बाद देशभर में पार्टी के प्रभारियों और मुख्य समन्वयकों के साथ सीधे संपर्क में रहेंगे. चुनाव के समय सभी राज्यों में जाकर चुनावी बागडोर संभालेंगे.

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